अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें फिर एक बार मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 4 डॉलर प्रति गैलन के स्तर को पार कर गईं।
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अमेरिका में एक बार फिर मोटर ईंधन (पेट्रोल) की कीमतों में तेज़ उछाल आया है। अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, अमेरिका में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की औसत कीमत एक बार फिर मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 4 डॉलर प्रति गैलन के स्तर को पार कर 4.003 डॉलर प्रति गैलन (लगभग 3.79 लीटर) तक पहुँच गई है।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर नए हमलों और कुवैत की एक रिफाइनरी पर हुए हमले के बाद कच्चे तेल के वायदा (Oil Futures) भाव में तेज़ बढ़ोतरी हुई। केवल 10 दिनों के भीतर पेट्रोल पंपों पर औसत कीमत 20 सेंट बढ़ गई और 16 जुलाई तक 3.98 डॉलर प्रति गैलन के स्तर को पार करते हुए आगे भी चढ़ती रही।
ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों का कहना है कि जून में भी, जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थायी नरमी आई थी, तब भी अमेरिका में खुदरा पेट्रोल की कीमतें असामान्य रूप से ऊँची बनी रहीं।
इसके पीछे कई प्रमुख कारण थे, जिनमें रूस की तेल रिफाइनिंग क्षमता में उल्लेखनीय कमी, अमेरिका में तेल आयात की कम मात्रा, और पेट्रोल के भंडार (इन्वेंट्री) का बेहद कम स्तर शामिल हैं।
इन सभी कारणों का प्रभाव ऐसे समय में देखने को मिला, जब अमेरिका में गर्मियों के दौरान यात्रा (Summer Driving Season) के कारण पेट्रोल की मांग पारंपरिक रूप से अपने उच्चतम स्तर पर रहती है।