दक्षिण कोरिया के शेयर बाज़ार में निवेश अब एक उच्च जोखिम वाला दांव बनता जा रहा है।
2026 में दक्षिण कोरिया के शेयर बाज़ार में अभूतपूर्व अस्थिरता देखने को मिली। कोस्पी (Kospi) सूचकांक की अस्थिरता (Volatility) बिटकॉइन से 60% से भी अधिक रही। ब्लूमबर्ग (Bloomberg) के अनुसार, कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों में घबराहट रोकने के लिए इस वर्ष की शुरुआत से अब तक दक्षिण कोरियाई स्टॉक एक्सचेंज को सात बार स्वचालित ट्रेडिंग रोक (Trading Halt) लागू करनी पड़ी। तुलना करें तो 2024 में केवल एक बार और 2025 में एक भी बार ट्रेडिंग नहीं रोकी गई थी।
दुनिया के सबसे अधिक रिटर्न देने वाले शेयर बाज़ारों में से एक में इस असामान्य उथल-पुथल का मुख्य कारण सैमसंग (Samsung) और एसके हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयरों में आई तेज़ उछाल और फिर भारी गिरावट रही। ये दोनों कंपनियाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग के लिए मेमोरी चिप्स की प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। जून में इन कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई और निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया, लेकिन जुलाई में इनके शेयरों में तेज़ गिरावट आ गई।
इस स्थिति में कोस्पी में निवेश करना लगभग एआई उद्योग के भविष्य पर एक उच्च जोखिम वाला दांव बन गया है, जो बड़े पैमाने पर लीवरेज (Leverage) और वित्तीय डेरिवेटिव्स (Financial Derivatives) पर निर्भर है।
बाज़ार में गहरे असंतुलन का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून के अंत में जब कोस्पी सूचकांक अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर बंद हुआ, तब भी उसमें शामिल 831 कंपनियों में से 650 कंपनियों के शेयरों की कीमतें वास्तव में गिर गई थीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीकों के वास्तविक व्यावसायिक उपयोग से मिलने वाला लाभ अभी इतना नहीं है कि वह इस क्षेत्र में बुनियादी ढाँचा तैयार करने पर होने वाले भारी-भरकम खर्च को उचित ठहरा सके।
इसके अलावा, निवेशकों की यह चिंता भी बढ़ रही है कि एआई क्षेत्र में कहीं अत्यधिक गर्माहट (Overheating) तो नहीं आ गई है। बाज़ार अब प्रतिस्पर्धियों की हर नई सफलता पर बहुत तेज़ प्रतिक्रिया दे रहा है। विशेष रूप से, चीन के नए एआई मॉडल "Moonshot Kimi K3" के लॉन्च ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह मॉडल OpenAI और Anthropic के प्रमुख एआई मॉडलों को सीधे चुनौती देने की क्षमता रखता है, जिससे बाज़ार में अतिरिक्त दबाव और अस्थिरता पैदा हुई है।