यह भी देखें
EUR/USD करेंसी पेयर गुरुवार को एक बार फिर अपनी तेजी को आगे बढ़ाने में विफल रहा, जबकि पिछले तीन सप्ताह से यह औपचारिक रूप से एक बुलिश (तेजी वाले) ट्रेंड में बना हुआ है।
हालांकि, इस तेजी को केवल औपचारिक रूप से "ट्रेंड" कहा जा सकता है, क्योंकि यूरो ने इन तीन सप्ताहों में काफी संघर्ष के बाद केवल लगभग 150 पिप्स की बढ़त दर्ज की है। इसलिए यह मूवमेंट किसी मजबूत तेजी के बजाय लंबी गिरावट से पहले एक साधारण तकनीकी सुधार (Correction) जैसा अधिक दिखाई देता है।
बुधवार को यूरो 1.1362–1.1461 के साइडवेज़ चैनल से ऊपर निकल गया था, लेकिन गुरुवार को यह स्पष्ट हो गया कि यह ब्रेकआउट टिकाऊ नहीं था, क्योंकि अगले ही दिन कीमत दोबारा उसी चैनल के भीतर लौट आई।
इस दिन भी, सामान्य की तरह, वोलैटिलिटी (अस्थिरता) कमजोर रही। बाजार ने मुख्य रूप से फिलाडेल्फिया फेड बिजनेस इंडेक्स (Philadelphia Fed Business Index) पर प्रतिक्रिया दी, जो अनुमान से चार गुना बेहतर रहा। वहीं, रिटेल सेल्स (Retail Sales) की रिपोर्ट बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप रही।
इन दोनों आर्थिक रिपोर्टों के संयुक्त प्रभाव से अमेरिकी डॉलर लगभग 30 पिप्स मजबूत हुआ।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो यह करेंसी पेयर अभी भी हल्के बुलिश रुझान में है और Ichimoku Indicator की प्रमुख लाइनों के ऊपर कारोबार कर रहा है। इसलिए सीमित दायरे में हल्की तेजी आगे भी जारी रह सकती है।
लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि कीमत फिर से 1.1362–1.1461 के साइडवेज़ चैनल में लौट चुकी है, और पिछले कुछ हफ्तों की तेजी इतनी कमजोर रही है कि इसे एक मजबूत ट्रेंड कहना कठिन है।
5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर गुरुवार को एक सेल (Sell) सिग्नल बना।
अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र के दौरान यह करेंसी पेयर 1.1461 के स्तर के नीचे टूट गया और दिन के अंत तक क्रिटिकल लाइन (Critical Line) तक गिर गया। इस संकेत के आधार पर ट्रेडर्स शॉर्ट (Sell) पोज़िशन खोल सकते थे, जिससे दिन के अंत तक लगभग 10–15 पिप्स का लाभ प्राप्त हो सकता था।
नवीनतम COT (Commitments of Traders) रिपोर्ट 7 जुलाई की है।
साप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम के चार्ट से स्पष्ट है कि गैर-व्यावसायिक (Non-commercial) ट्रेडर्स की नेट पोज़िशन अभी भी बुलिश (तेजी के पक्ष में) बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें उल्लेखनीय कमी आई है।
पिछले कुछ महीनों में ट्रेडर्स ने यूरो बेचकर अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दी है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है, लेकिन कुछ समय के लिए अमेरिकी डॉलर ने "रिज़र्व करेंसी (Reserve Currency)" की भूमिका निभाई। हालांकि, ऐसा लगता है कि अब इस प्रभाव का दौर समाप्त हो चुका है।
अब भी हमें यूरो के मजबूत होने के लिए कोई ठोस मौलिक (Fundamental) कारण दिखाई नहीं देता, जबकि अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के कई कारण मौजूद हैं।
मध्य पूर्व का युद्ध कुछ समय के लिए डॉलर को बेहद आकर्षक सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Asset) बना रहा, लेकिन जब इस कारण का प्रभाव समाप्त हो जाएगा—और संभव है कि वह अब समाप्त भी हो चुका हो—तो बाजार फिर सामान्य स्थिति में लौट सकता है।
लंबी अवधि (Long Term) में यूरो 1.08 डॉलर (ट्रेंड लाइन) तक गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद दीर्घकालिक तेजी का रुझान (Uptrend) अभी भी कायम रहेगा। इसके अलावा, हाल के महीनों में डॉलर की मजबूती के बावजूद यह करेंसी पेयर इस ट्रेंड लाइन के अधिक करीब नहीं पहुंच पाया।
इंडिकेटर की लाल (Red) और नीली (Blue) रेखाओं की स्थिति यह दर्शाती है कि बुल्स (खरीदार) और बेयर्स (विक्रेता) के बीच लगभग बराबरी की स्थिति बनी हुई है।
पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान "Non-commercial" समूह में:
इसके परिणामस्वरूप, एक सप्ताह में नेट पोज़िशन 17,300 कॉन्ट्रैक्ट घट गई।
1-घंटे (Hourly) टाइमफ्रेम पर दो महीने से जारी डाउनट्रेंड (गिरावट के रुझान) के भीतर एक सुधारात्मक तेजी (Corrective Uptrend) बनती हुई दिखाई दे रही है और ऐसा माना जा रहा है कि साइडवेज़ (Flat) चरण अब समाप्त हो चुका है।
मध्य पूर्व की स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और उसमें कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। बाजार अब भी यूरो के पक्ष में मौजूद कई कारकों की अनदेखी कर रहा है, लेकिन अमेरिकी डॉलर के प्रति अपने दृष्टिकोण का पुनर्मूल्यांकन करने के बाद यूरो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि यूरो की यह तेजी एक नई गिरावट की शुरुआत से पहले की तैयारी हो सकती है।
17 जुलाई के लिए प्रमुख ट्रेडिंग स्तर इस प्रकार हैं:
इसके अलावा, Senkou Span B (1.1417) और Kijun-sen (1.1430) लाइनें भी महत्वपूर्ण संकेत प्रदान कर सकती हैं।
ध्यान रखें कि Ichimoku Indicator की लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल का विश्लेषण करते समय इसे ध्यान में रखें।
यदि कीमत आपके ट्रेड की दिशा में 15 पिप्स बढ़ जाती है, तो Stop Loss को Breakeven पर ले जाना न भूलें। इससे यदि सिग्नल गलत साबित होता है, तो संभावित नुकसान से बचाव होगा।
शुक्रवार को अमेरिका में Housing Starts, Building Permits और Consumer Sentiment Index की रिपोर्ट जारी की जाएगी। वहीं यूरोपीय संघ (EU) में जून महीने की मुद्रास्फीति (Inflation) का दूसरा अनुमान (Second Estimate) प्रकाशित किया जाएगा।
ये सभी रिपोर्टें द्वितीयक (Secondary) मानी जाती हैं और इनसे बाजार में केवल हल्की प्रतिक्रिया आने की संभावना है। साथ ही, करेंसी पेयर की वोलैटिलिटी (अस्थिरता) अभी भी कम बनी हुई है, इसलिए आज बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना कम है।