जापान की संसद ने आधिकारिक रूप से क्रिप्टोकरेंसी को एक वित्तीय परिसंपत्ति (Financial Asset) के रूप में मान्यता दे दी है।
जापान की संसद ने एक महत्वपूर्ण कानून संशोधन पारित किया है, जिसके तहत क्रिप्टोकरेंसी को पेमेंट सर्विसेज एक्ट (Payment Services Act) के अंतर्गत केवल भुगतान के साधन (Payment Method) के रूप में वर्गीकृत करने के बजाय फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स एंड एक्सचेंज एक्ट (Financial Instruments and Exchange Act) के तहत पूर्ण वित्तीय परिसंपत्ति (Financial Asset) का दर्जा दिया गया है। यह बदलाव अगले एक वर्ष के भीतर लागू होंगे। इसके बाद क्रिप्टो प्लेटफॉर्मों को स्वयं को "क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग कंपनियां" के रूप में पंजीकृत करना होगा और इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) पर प्रतिबंध सहित कड़े नियामक नियमों का पालन करना होगा।
इस सुधार के तहत बिना पंजीकरण के गतिविधियां संचालित करने पर दंड को काफी सख्त कर दिया गया है। अधिकतम जेल की सजा 3 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी गई है, जबकि अधिकतम जुर्माना 1 करोड़ येन (10 मिलियन येन) कर दिया गया है। साथ ही, यह सुधार निवेशकों के लिए एक बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन भी लेकर आया है। नए वर्गीकरण के कारण वर्ष 2028 तक क्रिप्टो आय पर लगने वाले कर को 55% की प्रगतिशील (Progressive) दर से घटाकर 20% की निश्चित (Fixed) दर करने का मार्ग प्रशस्त होगा, जो शेयरों से होने वाली आय पर लागू कर दर के बराबर है। इसके साथ ही, स्पॉट क्रिप्टोकरेंसी ETF लॉन्च करने के लिए भी कानूनी ढांचा तैयार हो जाएगा।
ये बदलाव ऐसे समय में किए गए हैं जब जापान में खुदरा (Retail) निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय नियामक का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य उद्योग पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और पारदर्शी क्रिप्टो इकोसिस्टम तैयार करना है। जापान के प्रमुख वित्तीय संस्थान पहले ही अपनी अवसंरचना (Infrastructure) को इस प्रकार तैयार करना शुरू कर चुके हैं कि वे डिजिटल परिसंपत्तियों (Digital Assets) को पारंपरिक निवेश पोर्टफोलियो में आसानी से शामिल कर सकें।