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विश्व बैंक ने ब्रेंट की औसत कीमत में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया।

विश्व बैंक ने ब्रेंट की औसत कीमत में वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया।

2026 के लिए बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की औसत वार्षिक कीमत 94 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। यह आधारभूत परिदृश्य विश्व बैंक के विश्लेषकों द्वारा तैयार की गई नवीनतम “Global Economic Prospects” रिपोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। बैंक के विशेषज्ञों के अनुसार, यह अनुमानित कीमत 2025 के स्तर से लगभग 36% अधिक होगी, जिसका कारण कमोडिटी बाजार में बड़े स्तर पर आई बाधाएं हैं। साथ ही, विश्व बैंक के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आपूर्ति में सबसे गंभीर व्यवधान जुलाई के अंत तक कम होने लगेंगे, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक मुद्रास्फीति लगभग 4% पर स्थिर हो जाएगी।

तेल की कीमतों में इस तेजी और वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक मॉडलों के संशोधन का मुख्य कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य का बंद होना बताया गया है, जो मध्य पूर्वी तेल का एक महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग है। इस रुकावट के कारण आपूर्ति में तेज कमी आई, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को रणनीतिक भंडार (strategic reserves) तेजी से इस्तेमाल करने पड़े। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, OECD के कुल तेल भंडार भविष्य में 2003 के बाद अपने सबसे निचले स्तर तक गिरने का जोखिम झेल सकते हैं। इसी वजह से वित्तीय विश्लेषक और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ अपने पूर्वानुमानों में अधिक जोखिम प्रीमियम शामिल कर रही हैं।

रूसी विशेषज्ञ बाजार की स्थिति को अधिक नकारात्मक रूप में देखते हैं। प्रमुख अर्थशास्त्री इगोर युश्कोव चेतावनी देते हैं कि विश्व बैंक द्वारा देखा गया यह स्थिरीकरण काफी हद तक भू-राजनीतिक कारकों पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि यदि उभरती शांति प्रक्रिया विफल हो जाती है और अमेरिका तथा ईरान के बीच सीधा सैन्य संघर्ष फिर से भड़क उठता है, तो वैश्विक तेल कीमतें बेसलाइन अनुमान से कहीं अधिक बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की एक नई लहर पैदा हो सकती है।

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