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बैंक अपनी जमा राशि बचाने के लिए क्रिप्टो कंपनियों पर ब्याज दरें घटाने का दबाव डाल रहे हैं।

बैंक अपनी जमा राशि बचाने के लिए क्रिप्टो कंपनियों पर ब्याज दरें घटाने का दबाव डाल रहे हैं।

क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase Global Inc. ने अमेरिकी सीनेट में स्टेबलकॉइन्स पर ब्याज (यील्ड) देने को लेकर एक समझौते की घोषणा की है। इस समझौते ने उस बड़े विवाद को समाप्त कर दिया है, जो क्रिप्टो बाजार को संरचित करने वाले विधेयक के पारित होने में बाधा बन रहा था।

विवाद का मुख्य मुद्दा डिजिटल एसेट्स पर कस्टडी रिवॉर्ड्स (होल्डिंग पर मिलने वाले बोनस) का भुगतान था। पारंपरिक बैंकिंग क्षेत्र ऐसे भुगतानों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सक्रिय रूप से लॉबिंग कर रहा था, क्योंकि उन्हें डर था कि लोग सामान्य बैंक जमा से पैसा निकालकर अधिक रिटर्न देने वाले क्रिप्टो उत्पादों में निवेश कर सकते हैं।

समझौते की शर्तें

नई व्यवस्था के तहत, क्रिप्टो प्लेटफॉर्म ग्राहकों को यील्ड देने का अधिकार बनाए रखेंगे, लेकिन इन भुगतानों के नियमों को बैंकिंग सुरक्षा मानकों के अनुसार काफी सख्त किया जाएगा। Coinbase के चीफ पॉलिसी ऑफिसर Farhad Shirzad ने कहा कि यह समझौता उपयोगकर्ताओं को “वास्तविक नेटवर्क उपयोग” के लिए बोनस प्राप्त करने की अनुमति देता है, बिना स्टेबलकॉइन्स को सीधे बैंक जमा जैसा बनाए।

नियामकीय प्रभाव

गतिरोध खत्म होने से अब सीनेट बैंकिंग कमेटी में मतदान का रास्ता साफ हो गया है। इस विधेयक का उद्देश्य Securities and Exchange Commission (SEC) और Commodity Futures Trading Commission (CFTC) के बीच अधिकारों के बंटवारे को स्पष्ट करना है। माना जा रहा है कि स्पष्ट अधिकार क्षेत्र तय होने से उद्योग पर कई वर्षों से जारी नियामकीय दबाव कम होगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता अमेरिकी वित्तीय प्रणाली में डिजिटल एसेट्स की बढ़ती भूमिका को स्वीकार करने का संकेत है। कानून निर्माता एक तरफ वॉल स्ट्रीट के हितों की रक्षा करना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर तकनीकी विकास को भी रोकना नहीं चाहते।

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