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गुरुवार के ट्रेड का विश्लेषण:
EUR/USD का 1-घंटे (1H) चार्ट
EUR/USD मुद्रा जोड़ी में गुरुवार के कारोबार के दौरान कोई खास या उल्लेखनीय हलचल देखने को नहीं मिली। इससे पहले यूरो में अच्छी तेजी देखने को मिली थी और उससे दो दिन पहले भी इसमें मजबूत बढ़त दर्ज की गई थी। इन दोनों दिनों में यूरो लगभग 100 पिप्स मजबूत हुआ, जो अपने आप में एक अच्छा प्रदर्शन माना जा सकता है।
हालांकि, इस तेजी के पीछे कोई ठोस मौलिक (Fundamental) कारण दिखाई नहीं देता, क्योंकि यह मुद्रा जोड़ी अभी भी कमजोर तेजी (Weak Uptrend) और साइडवेज (Flat) स्थिति के बीच बनी हुई है। वास्तव में, पिछले कई सप्ताहों से बाजार में रेंज-बाउंड (Flat) ट्रेडिंग ही देखने को मिल रही है। कीमत अपना लगभग 98% समय 1.1377 और 1.1461 के बीच ही बिता रही है।
भले ही तकनीकी रूप से बाजार में एक ऊपरी रुझान (Uptrend) मौजूद है, लेकिन गुरुवार को यूरोपीय संघ में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट या घटना नहीं हुई। दूसरी ओर, अमेरिका से जारी आर्थिक आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को हल्का समर्थन दिया, क्योंकि वे बाजार की अपेक्षाओं से कमजोर नहीं रहे। हालांकि, ये रिपोर्टें स्वयं अधिक महत्वपूर्ण नहीं थीं, इसलिए बाजार में कोई बड़ी चाल देखने को नहीं मिली।
पिछले तीन सप्ताहों से न केवल EUR/USD एक सीमित दायरे (Flat Range) में कारोबार कर रहा है, बल्कि इसकी वोलैटिलिटी (Volatility) भी बेहद कम बनी हुई है।
गुरुवार को 5-मिनट के टाइमफ्रेम पर केवल एक ट्रेडिंग सिग्नल बना। कई घंटों तक बेहद कम वोलैटिलिटी (Volatility) के बीच कीमत ने 1.1461–1.1466 के क्षेत्र को तोड़ने (Breakout) की कोशिश की और अंततः इसमें सफल रही। स्वाभाविक रूप से, इस सिग्नल के बाद बाजार में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई, लेकिन कीमत लगभग 15 पिप्स नीचे जरूर गई।
1-घंटे (1H) टाइमफ्रेम पर दोनों ट्रेंड लाइनें टूट चुकी हैं और अब वे प्रासंगिक नहीं रहीं। ऐसा प्रतीत होता है कि लंबे समय से चल रहा साइडवेज (Flat) चरण अब समाप्त हो सकता है, क्योंकि कीमत 1.1461 के स्तर के ऊपर निकल चुकी है।
पिछले कुछ महीनों के बाजार की घटनाओं और गतिविधियों को देखते हुए हमारा मानना है कि यूरो में आगे भी तेजी जारी रहनी चाहिए, और यह मौजूदा गति से कहीं अधिक मजबूत हो सकती है। हालांकि, वर्तमान बढ़त को हम केवल एक तकनीकी सुधार (Correction) मानते हैं। आमतौर पर, सुधार पूरा होने के बाद बाजार में ट्रेंड का नया चरण शुरू होता है।
फिलहाल भी हमें बाजार में बहुत तेज़ उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं है।
ट्रेडिंग के लिए निम्नलिखित स्तरों पर ध्यान दें:
शुक्रवार को यूरोपीय संघ जून महीने की मुद्रास्फीति (Inflation) का दूसरा अनुमान जारी करेगा, लेकिन इससे बाजार पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। वहीं, अमेरिका में हाउसिंग मार्केट से जुड़े आंकड़े और यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन का उपभोक्ता विश्वास सूचकांक (Consumer Sentiment Index) जारी किया जाएगा, हालांकि इन्हें भी सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्टों में नहीं गिना जाता।
फॉरेक्स ट्रेडिंग में यह याद रखना चाहिए कि हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता। दीर्घकालिक सफलता के लिए स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति, अनुशासित जोखिम प्रबंधन (Money Management) और नियमित अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।